प्रतिबंधों में ढील फिर भी तेल महंगा: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें उछली

Editorial Team17 मार्च. 2026
प्रतिबंधों में ढील फिर भी तेल महंगा: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें उछली

रूस से कच्चा तेल खरीदने पर लगे प्रतिबंधों में ढील के अमेरिकी फैसले के बावजूद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 2.7% बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीद पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा के बाद भी कीमतों में गिरावट नहीं आई।

इस क्षेत्र के वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में पिछले सप्ताह के दौरान 11% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं फरवरी के अंत में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से अब तक इसकी कीमतों में 40% से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गैस आपूर्ति पर दबाव घटाने के लिए वैकल्पिक ईंधनों की अनुमति, बढ़ सकता है वायु प्रदूषण 

एलपीजी और गैस आपूर्ति चैनलों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए भारत सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ाने का फैसला किया है। संसद में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि केरोसिन, बायोमास और फ्यूल ऑयल जैसे ईंधनों का उपयोग बढ़ाया जा रहा है ताकि गैस आपूर्ति पर दबाव कम किया जा सके।

सरकार के अनुसार यह कदम गैस की मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर को संतुलित करने के लिए उठाया गया है। इसके अलावा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सलाह दी है कि वे व्यावसायिक रसोईघरों को नगरपालिका कचरे से बने पेलेट, कोयला, केरोसिन और बायोमास के उपयोग की अनुमति दें। हालांकि पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इन ईंधनों का व्यापक उपयोग वायु प्रदूषण बढ़ा सकता है और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में हो रहे प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका में बनेगी नई तेल रिफाइनरी, रिलायंस के साथ 300 अरब डॉलर का निवेश

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प  ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में पिछले पांच दशकों में पहली बार एक नई तेल रिफाइनरी बनाई जाएगी। यह परियोजना टेक्सास के ब्राउनस्विल शहर में स्थापित की जाएगी। इस रिफाइनरी परियोजना को अमेरिका की कंपनी अमेरिका फर्स्ट रीफाइनिंग विकसित करेगी, जिसमें भारत की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ भी भागीदारी करेगी। रिपोर्टों के अनुसार इस परियोजना में लगभग 300 अरब डॉलर का निवेश प्रस्तावित है।

इस प्रोजेक्ट को फरवरी में तब गति मिली जब अमेरिका फर्स्ट रीफाइनिंग को एक वैश्विक ऊर्जा कंपनी से बड़ी वित्तीय निवेश सहायता मिली। इस निवेश ने परियोजना को आर्थिक मजबूती प्रदान की और इसके निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया।

Share

LinkedInXFacebook

लेखक के बारे में

Editorial Team

Editorial Team

A team of handpicked and dedicated writers committed to fact check each climate-related statement. They go to the roots and intent of each policy implemented, internationally and at home, to help you understand climate better.
लेखक के और लेख देखें