एनजीटी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी, कहा पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद

Editorial Team1 मार्च. 2026
एनजीटी ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को दी हरी झंडी, कहा पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद

नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने ग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल को मंजूरी दे दी है और कहा है कि पर्यावरण मंजूरी की शर्तों में पर्याप्त सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं।

एनजीटी ने यह फैसला लंबी कानूनी सुनवाई के बाद दिया। याचिकाओं में आरोप था कि परियोजना तटीय नियमों का उल्लंघन करती है। ये नियम पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील तटीय इलाकों में बड़े निर्माण पर रोक लगाते हैं।

अदालत की ओर से गठित समिति ने मंजूरी प्रक्रिया में कोई बड़ी खामी नहीं पाई, और एनजीटी ने समिति के निष्कर्षों को स्वीकार किया। हालांकि पर्यावरण और जनजातीय अधिकारों को लेकर चिंता बनी हुई है। यह भी सवाल उठ रहे हैं कि 81 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना द्वारा बड़े वन क्षेत्र और आदिवासी भूमि के उपयोग में किस तरह बदलाव संभव है।

सितंबर तक शुरू होगा भारत का कार्बन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म: सरकार

केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार देश में कार्बन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म सितंबर तक शुरू हो सकता है। कार्बन ट्रेडिंग एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें कंपनियां अपने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर प्रमाण पत्र की खरीद-बिक्री कर सकती हैं। इससे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता का लक्ष्य रखा है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने बताया कि नवीकरणीय परियोजनाओं के लिए पावर परचेज़ एग्रीमेंट यानी बिजली खरीद समझौते कम हो रहे हैं। ऐसे में बाजार आधारित नई व्यवस्था लाई जा रही है।

कोयला-आधारित तापीय संयंत्रों को उत्पादन में लचीलापन लाने और कम उपयोग पर प्रोत्साहन देने की योजना भी प्रस्तावित है। ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने कहा कि देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 520 गीगावाट से अधिक हो चुकी है, जिसमें आधे से ज्यादा हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों का है।

शहरी गर्मी से अर्थव्यवस्था पर बढ़ा खतरा: विशेषज्ञ

सर्दी खत्म होते ही देश के कई शहरों में दिन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। शहरी इलाकों में बढ़ती गर्मी अब बड़ी समस्या बन गई है और इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और क्लाइमेट ट्रेंड्स की एक बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि गर्मी से जुड़ा पर्याप्त डेटा नहीं होने के कारण उद्योग जोखिम का सही आकलन नहीं कर पा रहे हैं।

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन विजय कलंत्री ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ती गर्मी पर रोक नहीं लगी तो देश की जीडीपी में 2.5 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। जीडीपी किसी देश की कुल आर्थिक उत्पादन क्षमता को दर्शाता है।

आईटीसी लिमिटेड ने माना कि फैक्ट्रियों और गोदामों में हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है। काउंसिल फॉर एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर के विशेषज्ञों ने बेहतर शहर नियोजन और कम लागत वाले उपायों पर जोर दिया। कपड़ा उद्योग में काम करने वाले मजदूरों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

अफ्रीका से कूनो पहुंचे 9 और चीते 

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में बोत्सवाना से लाए गए नौ चीते शनिवार को पहुंच गए। इन्हें भारतीय वायु सेना के विमान से ग्वालियर लाया गया और फिर हेलिकॉप्टर से कूनो पहुंचाया गया। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंदर यादव ने छह मादा और तीन नर चीतों को क्वारंटीन बाड़े में छोड़ा। इसके साथ ही भारत में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है। यह चार साल की पुनर्वास योजना का हिस्सा है। 1950 के दशक में भारत से चीते विलुप्त हो गए थे। कूनो में अब तक 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें 27 जीवित हैं।

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