नेपाल में फ़्लैश फ्लड से भारी तबाही, 359 की मौत, 288 भारतीयों समेत हज़ारों लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में कम से कम 359 लोगों की मौत हुई है और हज़ारों लोग लापता हैं। बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन समेत कई जिले प्रभावित हुए हैं। घर, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं बाढ़ में बह गईं या क्षतिग्रस्त हुई हैं।
बुधवार सुबह नेपाल-चीन सीमा के पास ऊंचाई वाले इलाके में हुई इस घटना के बाद बर्फ, चट्टान और मलबे का भारी प्रवाह नीचे आया। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी ने ल्हेन्दे खोला नदी में अचानक भारी मात्रा में मलबा पहुंचाया और फिर पानी तथा मलबे का तेज बहाव भोटेकोशी और त्रिशूली नदी तंत्र में फैल गया। इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (आईसीआईएमओडी) के शुरुआती आकलन में इसे आइस-रॉक एवलांच यानी बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के रूप में देखा गया था।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने भी कहा है कि रसुवागढ़ी से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में नेपाल-चीन सीमा के पास आइस-रॉक लैंडस्लाइड के बाद ल्हेन्दे नदी में मलबे से भरी बाढ़ आई। प्राधिकरण के मुताबिक यह बाढ़ तिमुरे से गुजरने के बाद त्रिशूली नदी में पहुंची।
रसुवा का तिमुरे और स्याफ्रुबेसी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। बाढ़ के बाद नुवाकोट और धादिंग की ओर भी पानी और मलबा पहुंचा। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। बचाव अभियान खराब मौसम, संचार व्यवस्था में बाधा और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण मुश्किल हो रहा है।
बाढ़ ने मुख्य रूप से मध्य नेपाल में 35 पुल, 45 झूला पुल और 40 किलोमीटर लंबी ब्लैक-टॉप सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया है।
भारत में भी अलर्ट
इस आपदा का भारत पर भी सीधा असर पड़ सकता है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियां आगे चलकर नारायणी-गंडक नदी तंत्र से जुड़ती हैं। भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि बाढ़ की लहर तेजी से नीचे की ओर बढ़ रही है और गंडक में पानी बढ़ने की आशंका है।
बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एनडीआरएफ की टीमें गोपालगंज और बेतिया में तैनात की गई हैं, जबकि मुजफ्फरपुर में एक टीम को तैयार रखा गया है। निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
बिहार में बाढ़ के आधिकारिक आंकड़ों में गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं पश्चिम चंपारण के बगहा और वैशाली समेत कुछ अन्य स्थानों पर भी गंडक चेतावनी स्तर से ऊपर है।
उत्तर प्रदेश में महाराजगंज और कुशीनगर को सतर्क किया गया है। हालांकि, राज्य के एक वरिष्ठ सिंचाई अधिकारी ने कहा है कि फिलहाल गंडक के इन जिलों में खतरे के निशान से ऊपर जाने की संभावना नहीं है।
कैलाश मानसरोवर यात्री लापता
भारत ने नेपाल को मदद की पेशकश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से बात कर जानमाल के नुकसान पर संवेदना जताई और हर संभव मानवीय सहायता देने का आश्वासन दिया। नेपाल में प्रभावित भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों में 384 यात्रियों के संपर्क से बाहर होने की बात कही गई थी, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक थे। बाद के अपडेट में भारतीय नागरिकों की संख्या 288 तक पहुंचने की सूचना है। इनमें कई कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े लोग हैं।