भारत-यूरोप एफटीए से कारें होंगी सस्ती, ईवी पर छूट 2032 तक

Editorial Team31 जन॰. 2026
भारत-यूरोप एफटीए से कारें होंगी सस्ती, ईवी पर छूट 2032 तक

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कार खरीदारों के लिए राहत लेकर आएगा। समझौते के तहत यूरोप में बनी कारों पर आयात शुल्क 110 प्रतिशत तक से घटकर 10 प्रतिशत तक आ सकता है। हालांकि, इस रियायत के तहत हर साल अधिकतम 2.5 लाख कारें ही बेची जा सकेंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को फिलहाल इसका लाभ नहीं मिलेगा। ईवी पर शुल्क में कटौती पांच साल बाद, यानी 2032 के आसपास संभव है। सरकार का कहना है कि यह फैसला देश के शुरुआती ईवी निर्माण उद्योग को संरक्षण देने के लिए लिया गया है।

बैटरी पीएलआई योजना लक्ष्य से काफी पीछे, चार साल में सिर्फ 2.8% प्रगति

भारत में बैटरी सेल निर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है। आईईईएफए और जेएमके रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, चार साल में योजना अपने 50 गीगावाट-ऑवर लक्ष्य का सिर्फ 2.8 प्रतिशत ही हासिल कर सकी है। 2021 में शुरू हुई एसीसी पीएलआई योजना के लिए 18,100 करोड़ रुपए तय किए गए थे। लेकिन अक्टूबर 2025 तक केवल 1.4 गीगावाट-ऑवर क्षमता ही शुरू हो पाई है। यह पूरी क्षमता सिर्फ ओला इलेक्ट्रिक ने स्थापित की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू बैटरी निर्माण को लेकर भारत की रफ्तार काफी धीमी है।

ईयू में पहली बार ईवी की बिक्री पेट्रोल कारों से अधिक

यूरोपीय संघ (ईयू) में दिसंबर 2025 में पहली बार इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री ने पेट्रोल कारों को पीछे छोड़ दिया। ऑटो उद्योग संगठन एसीईए के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में पंजीकृत कुल कारों में ईवी की हिस्सेदारी 22.6 प्रतिशत रही, जबकि पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी 22.5 प्रतिशत थी। हाइब्रिड और प्लग-इन हाइब्रिड वाहनों का दबदबा सबसे ज्यादा रहा, जिनकी हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही। आंकड़े दिखाते हैं कि ईवी और हाइब्रिड धीरे-धीरे लोगों की पसंद बन रहे हैं। यह रुझान ऐसे समय में अहम है, जब नीति निर्माता उत्सर्जन नियमों में ढील देने पर विचार कर रहे हैं।

वियतनाम में $130 मिलियन बैटरी प्लांट लगाएंगे किम लॉन्ग मोटर और बीवाईडी

वियतनाम की ऑटो कंपनी किम लॉन्ग मोटर ने चीनी ईवी कंपनी बीवाईडी के साथ मिलकर $130 मिलियन का बैटरी प्लांट लगाने का समझौता किया है। रॉयटर्स के अनुसार, इस परियोजना में किम लॉन्ग मोटर निर्माण का खर्च उठाएगी, जबकि बीवाईडी तकनीकी सहयोग देगी। मध्य वियतनाम में 4.4 हेक्टेयर में बनने वाले इस प्लांट की शुरुआती क्षमता 3 गीगावाट-ऑवर होगी। भविष्य में इसे 10 हेक्टेयर तक फैलाकर क्षमता 6 गीगावाट-ऑवर करने की योजना है। यहां बस, ट्रक, मिनीबस और यात्री इलेक्ट्रिक कारों के लिए बैटरियां बनाई जाएंगी।

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