इस साल धीमी हो सकती है वैश्विक ईवी बिक्री की रफ्तार

Editorial Team16 जन॰. 2026
इस साल धीमी हो सकती है वैश्विक ईवी बिक्री की रफ्तार

दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री की रफ्तार इस साल धीमी पड़ सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में सब्सिडी कम होने, यूरोप में पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को हटाने की नीति पर असमंजस और अमेरिका में नीतिगत बदलाव इसका कारण हैं। ब्लूमबर्गएनईएफ का अनुमान है कि 2026 में करीब 2.4 करोड़ यात्री ईवी बिकेंगे, जो 2025 के मुकाबले 12 प्रतिशत अधिक हैं। हालांकि, यह वृद्धि पिछले साल की 23 प्रतिशत वृद्धि से काफी कम है।

अमेरिका में ईवी बाजार पहले से दबाव में है, क्योंकि सितंबर के बाद 7,500 डॉलर तक की टैक्स छूट खत्म की जा रही है और ईंधन दक्षता मानकों को भी कमजोर किया गया है। इससे ईवी अपनाने की गति प्रभावित हो सकती है।

पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ईवी में अलर्टिंग सिस्टम अनिवार्य

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक वाहनों में ‘अकूस्टिक व्हीकल अलर्टिंग सिस्टम’ (एवीएएस) लगाना अनिवार्य किया है। यह नियम ‘एम’ और ‘एन’ श्रेणी के ईवी पर लागू होगा। मंत्रालय का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में आवाज़ नहीं होती है, जिससे पैदल यात्रियों को खतरा रहता है। यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। अक्टूबर 2026 से सभी नए इलेक्ट्रिक वाहनों में यह सिस्टम अनिवार्य होगा। वहीं, पुराने वाहनों में यह अक्टूबर 2027 तक फिट कराना होगा। सरकार का मानना है कि इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।

सड़क हादसे घटाने के लिए वाहनों के बीच ‘बातचीत’ तकनीक लाएगी सरकार

घने कोहरे जैसी कम विजिबिलिटी वाली स्थितियों में होने वाले सड़क हादसों को कम करने के लिए सरकार जल्द ही वाहन-से-वाहन (V2V) संचार तकनीक लागू करेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इस तकनीक में गाड़ियों में एक ऑन-बोर्ड यूनिट लगेगी, जिससे वाहन आपस में गति, स्थान और ब्रेक जैसी जानकारी साझा कर सकेंगे। इससे ड्राइवरों को समय रहते चेतावनी मिलेगी और टक्कर से बचाव होगा। मंत्रालय के अनुसार, इससे दुर्घटनाओं में 80 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। इस यूनिट की लागत करीब 5,000 से 7,000 रुपए होगी। सरकार इसके मानक तय कर रही है और जल्द अधिसूचना जारी की जाएगी। साथ ही, सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना भी पूरे देश में लागू की जाएगी।

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