ईवी प्रोमोशन के लिए पेट्रोल-डीज़ल कारें हों प्रतिबंधित: सुप्रीम कोर्ट

Editorial Team16 नव॰. 2025
फोटो: Melonemond/Pixabay

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लग्जरी पेट्रोल और डीजल कारों को चरणबद्ध तरीके से बंद करना इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी शुरुआत हो सकती है। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सरकार की ईवी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई थी।

न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि बाजार में अब बड़े और सुविधाजनक इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध हैं, जो वीआईपी और बड़ी कंपनियों द्वारा इस्तेमाल होने वाली ‘गैस गज़लर’ कारों का विकल्प बन सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि पहले चरण में सिर्फ हाई-एंड कारों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है, जिससे आम लोगों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने बताया कि सरकार भी इस विचार के पक्ष में है और 13 मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि ईवी चार्जिंग स्टेशनों की कमी अभी बड़ी चुनौती है। कोर्ट ने कहा कि जैसे-जैसे ईवी की संख्या बढ़ेगी, चार्जिंग स्टेशन भी बढ़ेंगे। कोर्ट ने ईवी नीति की समीक्षा की आवश्यकता पर भी संकेत दिया। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

भारतीय ईवी बाजार में तेजी से बढ़ रही चीनी कंपनियां

भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अब चीन समर्थित कंपनियों की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है। भारतीय बाजार में अभी तक टाटा मोटर्स और महिंद्रा का दबदबा रहा है, लेकिन दो वर्षों से भी कम समय में बीवाईडी, एमजी और वोल्वो जैसी कंपनियां मिलकर भारतीय ईवी बाजार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा हासिल कर चुकी हैं। खरीदार बेहतर तकनीक और लंबी रेंज के कारण इन ब्रांडों को पसंद कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीनी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देने के साथ उन्नत बैटरी तकनीक और प्रीमियम फीचर्स के प्रसार को भी तेज किया है। इसके बावजूद भारतीय कंपनियां अभी भी ईवी बिक्री में अग्रणी बनी हुई हैं।

ओला ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए राजस्व अनुमान घटाया, अब मुनाफे पर ज़ोर

ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपना कुल रेवेन्यू अनुमान कम कर दिया है। कंपनी अब ज़्यादा बिक्री (वॉल्यूम) के बजाय मुनाफे (प्रॉफिटेबिलिटी) पर ध्यान दे रही है। रॉयटर्स के अनुसार, इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयर 5% गिर गए, जबकि इससे पहले गिरावट 0.8% थी।

ओला की बिक्री में कमी का एक कारण बाजार हिस्सेदारी में गिरावट है। अब इस क्षेत्र में बजाज ऑटो और टीवीएस मोटर्स जैसी पुरानी कंपनियाँ तेजी से आगे निकल रही हैं।

टेस्ला के सह-संस्थापक ने नया प्लांट शुरू किया, ईवी बाज़ार में गिरावट की आशंका

टेस्ला के सह-संस्थापक जेबी स्ट्राबेल ने अपनी बैटरी रीसाइक्लिंग कंपनी, रेडवुड मैटेरियल्स, का नया प्लांट शुरू किया है, जो ईवी बैटरियों से ज़रूरी खनिज निकालकर दोबारा इस्तेमाल के लिए देगा। ब्लूमबर्ग के अनुसार, टेस्ला को आने वाले समय में ईवी बाज़ार की धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ सकता है।

रेडवुड ने एक नई इकाई — रेडवुड एनर्जी — भी शुरू की है, जो खराब हो चुकी ईवी बैटरियों को बड़े पैमाने की बिजली भंडारण प्रणालियों में बदलती है। कंपनी ने ऊर्जा भंडारण की तैनाती तेज करने के लिए 350 मिलियन डॉलर की नई फंडिंग भी जुटाई है।

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